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एन.एस.एस.

राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.):

इसका उद्देश्य सामुदायिक सेवा के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक़्तित्व का विकास करना है। बौद्धिक दिव्यांग जन पुनर्वास संस्थान को राष्ट्रीय सेवा योजना का एक अधिकृत केन्द्र के रूप में चयन किया गया है।

एन.एस.एस. का मुख्य सिद्धान्त यह है कि यह विद्यार्थियों के द्वारा संगठित कियाजाता है और विद्यार्थियों एवं शिक्षकों दोनों के माध्यम से सामुदायिक सेवा में परस्पर सहभागिता से राष्ट्र निर्माण के कार्यों में शामिल होने का भाव मिलता है। हर साल डी.एड. विशेष शिक्षा, बी.एड. विशेष शिक्षा एवं एम.एड. विशेष शिक्षा के स्वयंसेवक एन.एस.एस. के बैनर तले समुदाय आधारित पुनर्वास में अपने सर्वोत्तम सेवा प्रदान कर रहे हैं और वे चण्डीगढ़ एवं उसके आस पास के दिव्यांग व्यक्तियों के साथ-साथ जरूरत मंद व्यक़्तियों के व्यापक पुनर्वास में सहयोग दे रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान  और समावेशी शिक्षा कार्यक्रम उन्मुखीकरण एन.एस.एस. का मुख्य दीर्घकालिक कार्यक्रम है।

राष्ट्रीय/ अंतरराष्ट्रीय सेमिनार

मेंटरिंग/सलाह कार्यक्रम

I) इन हाउस /संस्थानगत मेंटरिंग II) सामुदायिक मेंटरिंग

साथियों,शिक्षकों और माता-पिता के लिए संवेदीकरण कार्यक्रम

दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र में शोध :

अनु क्रमांक

शीर्षक

विवरण

1.

मेंटरिंग / सलाह कार्यक्रम  -

मेंटरिंग दो घटकों  के बीच की दूरी को कम   करने के उद्देश्य से किया जाता है जो एक-दूसरे के लिए जरुरी एवं पूरक होते हैं I समुदाय के सदस्यों में सामाजिक मनोवृतिक बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से राजकीय बौद्धिक दिव्यांग जन पुनर्वास संस्थान,शिक्षक-प्रशिक्षकों की मदद से बौद्धिक दिव्यांग बच्चों और इनके समुदाय के बच्चों के बीच सामाजिक बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य की ओर अग्रसर है I आगे इसे सामुदायिक और इन हाउस मेंटरिंग में विभाजित किया गया है I

i  इन-हाउस मेंटरिंग -इन हाउस मेंटरिंग कार्यक्रम को इस संस्थान के विशेष विद्यालय में नामांकित और अध्ययनरत छात्रों के लिए बनाया गया है और उन्हें पुनर्वास सेवाएं प्रदान की जाती हैं I

ii सामुदायिक मेंटरिंग -सामुदायिक मेंटरिंग, जहाँ अब तक पहुँचा  नहीं जा सका है वहां तक पहुँच  बनाने से है ,वैसे व्यक्ति जो सरकार  द्वारा दी जाने वाली पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं, वैसे व्यक्तियों की मदद के लिए राजकीय बौद्धिक दिव्यांग जन पुनर्वास संस्थान हाथ बढ़ा रहा है और दूरी को मिटा रहा है I

 

2.

साथियों ,शिक्षकों और माता-पिता /अभिभावकों के लिए संवेदीकरण कार्यक्रम-

संवेदनशीलता कुछ खास घटनाओं के बारे में लोगो को जागरूक करने का एक प्रयास है I राजकीय बौद्धिक दिव्यांग जन पुनर्वास संस्थान सामान्य विद्यालय के शिक्षकों ,माता-पिता/अभिभावकों ,बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के भाई - बहनों के हम उम्र समूह के लिए   संवेदीकरण कार्यक्रम भी आयोजित करती है I चंडीगढ़ में बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों की स्थिति में सुधार हेतु दिव्यांग संवेदनशीलता महत्वपूर्ण है I

3.

दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र में शोध -

बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगताओ पर शोध एक अंतः विषय प्रकृति का शोध है जिसका बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों से जुडी समस्याओ की समझ या समाधान पर सीधा असर पड़ता है I राजकीय बौद्धिक दिव्यांग जन पुनर्वास संस्थान का द्वि-वार्षिक जर्नल “जर्नल ऑफ़ डिसेबिलिटी मैनेजमेंट  एंड रिहैबिलिटेशन” में आयोजित किये गए मूल शोधो को प्रकाशित किया जाता है I